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स्वास्थ्य सेवा खतरे में: ईरान से जुड़े साइबर खतरों से अस्पतालों, चिकित्सा प्रौद्योगिकी और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए जोखिम बढ़ गया है

कार्यकारी सारांश

ईरान से जुड़े साइबर खतरों ने अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में जोखिम बढ़ा दिया है। 11 मार्च को स्ट्राइकर पर हुए विनाशकारी हमले, बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और सरकार एवं उद्योग जगत से मिल रही स्पष्ट चेतावनियों के कारण यह खतरा और भी बढ़ गया है। सीआईएसए के कार्यवाहक निदेशक की एक खतरे संबंधी रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवा को सक्रिय रूप से लक्षित और अत्यधिक असुरक्षित नागरिक क्षेत्र बताया गया है। वहीं, विक्रेताओं की रिपोर्ट में हाल की विघटनकारी गतिविधियों को एमओआईएस से संबद्ध उन तत्वों से जोड़ा गया है जो हंडाला जैसे छद्म नामों का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि अस्पतालों में व्यापक प्रत्यक्ष घुसपैठ की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आपूर्तिकर्ताओं को बाधित करने, प्रॉक्सी गतिविधियों और क्षेत्र की कमजोरियों के मेल से स्वास्थ्य सेवा संस्थाओं और उनके सहायक तंत्र के लिए निकट भविष्य में एक गंभीर खतरे का माहौल बन गया है।

चाबी छीन लेना

  • ईरान से जुड़े समूह हंडाला ने 11 मार्च को स्ट्राइकर पर हुए साइबर हमले की जिम्मेदारी ली, जिससे एक प्रमुख चिकित्सा प्रौद्योगिकी प्रदाता कंपनी का कामकाज बाधित हुआ और अस्पतालों और आपूर्ति श्रृंखलाओं पर इसके दूरगामी प्रभाव पड़े।
  • सीआईएसए के कार्यवाहक निदेशक द्वारा जारी खतरे संबंधी संक्षिप्त रिपोर्ट में स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को "सक्रिय - बढ़ता हुआ" बताया गया है, जिसमें अस्पतालों, मेडटेक और ऑपरेशन थिएटर पर निर्भर वातावरण को उच्च जोखिम वाले लक्ष्यों के रूप में पहचाना गया है।
  • एएचए और स्वास्थ्य-आईएसएसी है सलाह दी भू-राजनीतिक साइबर जोखिम में वृद्धि के मद्देनजर स्वास्थ्य सेवा संगठनों को एहतियाती रक्षात्मक उपाय लागू करने होंगे।
  • विक्रेता की रिपोर्टिंग से पता चलता है कि हंडाला की गतिविधि का संबंध बैनिश्ड किटन से है, जो कि एमओआईएस से जुड़ा एक खतरा समूह है जिसमें विघटनकारी और मनोवैज्ञानिक संचालन क्षमताएं हैं।

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